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केनेडियन वुड की ओर से मैसुर में LWF कन्स्ट्रक्शन वर्कशोप संपन्न

इवेंट न्यूज़

केनेडियन वुड की ओर से मैसुर में LWF कन्स्ट्रक्शन वर्कशोप संपन्न

वर्ष 2017 के दिल्हीवुड में फोरेस्ट्री ईनोवेशन कन्सल्टींग ईण्डिया प्रा.लि. ने उत्तर अमरिकन शैली के मकान प्रदर्शित किये थे कि जिसका निर्माण लाईट वुड फ्रेम (LWF) पद्धति का उपयोग करके किया गया था ।

इस मध्य प्रदर्शन की प्रमुख विशेषता यह थी कि इसमें रखी गई सब चीजें आधी अधूरी थी । अपूर्ण दीवार और छत वहाँ पे रखी गई थी । वो एक तरह की थीम ही थी जिसमें मुलाकातीयों को गौर से निरीक्षण करने का अवकाश प्राप्त हुआ था ।

इस प्रदर्शन से मुलाकातीयों में न केवल जागरुकता की बढोत्तरी हुई थी बल्के उनकी इस विषय में रुचि भी बढी थी । इसके परिणाम स्वरुप कई लोगों ने फोरेस्ट्री ईनोवेशन कन्सल्टींग ईण्डिया प्रा.लि. का संपर्क करके इस नई पद्धति के बारे में पूछताछ की थी ।

ज्यादातर पूछताछ या इन्कवायरींग दक्षिण भारत की ओर से आई थी ।

FII को पता था कि दक्षिण भारतम में रिसोर्टस, बीच लोकेशन्स, हिल स्टेशन्स, फार्महाउसीस के लिए लकडी से बने मकान या घर प्रचलित या लोकप्रिय बन रहे थे । अलबत्त ये मकान या तो डिमाउन्टेबल थे या पोर्टेबल । इसके निर्माण में विभिन्न शैली या स्टाईल का उपयोग किया गया था । ऐसे मकान बनाने वाले लोगों ने एक बार LWF को देखा तो उनकी जिज्ञासा जाग उठी थी ।

इसके बाद क्या हुआ कि FII के लिए एक बहुत बडा चेलेन्ज खडा हुआ था । जिन्होंने इस तरह की डिजाईन की ओर जि़ज्ञासा जताई उनको तालिम देने की चेलेन्ज उनके ऊपर आ गई । उद्योग के  मापदंडो से किसी भी प्रकार का समझौता किये बगैर ऐसे मकान का निर्माण करने में दिलचस्पी रखने वाले मेन्युफेक्चरर्स को इस नई पद्धति के बारे में उचित जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य था ।

मैसुर में संपन्न वर्कशोप में केनेडा के जाने माने व्यावसायिक बिल्डर एवं इन्स्ट्रक्टर ड्रेन ड्रम मोन को आमंत्रित किया गया था । डेन पहले भी इन्स्ट्रक्टर एवं ट्रेनर की भूमिका निभा चुके है जब उन्हें शांघाई में निमंत्रित किया गया था ।

उनके पास कोर्स स्ट्रक्चर और अनुभव दोनों थे । ‘गाईड टु गुड प्रेक्टीस’ का चाईना वर्जन भी थी जिसे क्लासरुम में उपयोग किया जा सकता है  ।

यह तालिम या वर्कशोप का आयोजन मैसूर में ही किया गया था । इस वर्कशोप में भाग लेने के लिए 25 व्यक्तियों की मर्यादा रखी गई थी । लुम्बर, टूल्स, फास्टनर्स आदि मटीरीयल FII ने केनेडा से मँगवाया था । यह वर्कशोप नौ दिन का था जिसमें सुबह के समय में सैद्धांतिक सेशन रहता था और दोपहर के बाद प्रायोगिक सेशन रहता था ।

क्लासरुम में पाये ज्ञान का उपयोग या अमलीकरण करने के लिए वर्कशोप में प्रत्येक को अवकाश प्रदान किया जाता था । इस वर्कशोप ने भाग लिया था । इन लोगों ने समग्र वर्कशोप के दौरान प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया था । जो लोग अपने खुद के बिजनेश चलाते थे और दैनिक जिम्मेदारीयाँ निभाते थे उनके लिए ऐसा करना काफी हद तक मुश्किल कार्य था । कोर्स का प्रारंभ हुआ उसके एक हफ्ते पहले डेन यहाँ आ चुके थे और उन्होंने वेन्यु याने कि वर्कशोप की जगह को चेक किया था ।

इस वर्कशोप में भाग लेने वालो को निश्चिंत अवधि में ही लाईट टीम्बर फ्रेम हाउस बनाना था । उनको ज्यादातर एक्शन द्वारा सब कुछ सीखना था । प्रारंभिक कोर्स में ही FII को बहुत अच्छा रिस्पोन्स प्राप्त हुआ था । अभी आगामी आयोजन यह है कि 2019 के प्रारंभ में उत्तर भारत में दूसरे कोर्स का आरंभ करने का आयोजन है । भाग लेने वाले लोगों ने इस वर्कशोप्स के अनुभव के विषय में बहुत ही सकारात्मक अभिप्राय भेजे थे ।

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